Gujarat News: PM नरेन्द्र मोदी बोले- विदेशी ताकतों के सहारे गुजरात में प्रवेश को तैयार बैठा है अर्बन नक्सल

Visit our New Website (અહીં નવી વેબસાઇટ જુઓ / नयी वेबसाइट यहाँ देखें)...



.... ... .. .
Visit our New Website (અહીં નવી વેબસાઇટ જુઓ / नयी वेबसाइट यहाँ देखें) CLICK HERE!

.... ... .. .

Gujarat News: PM नरेन्द्र मोदी बोले- विदेशी ताकतों के सहारे गुजरात में प्रवेश को तैयार बैठा है अर्बन नक्सल

0


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अर्बन नक्सल विदेशी ताकतों की मदद से गुजरात में प्रवेश करने की कोशिश में है। नक्सलवाद ने आदिवासी युवाओं के हाथ में बंदूक थमाकर उनका भविष्य तबाह किया है। गुजरात के आदिवासी युवा ने सरकार पर विश्वास कर उनके मंसूबों को जमींदोज किया है।

भरुच में विविध परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा कि विदेशी ताकतों के सहारे अर्बन नक्सल राज्य में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा है। आदिवासी युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। गुजरात के आदिवासी युवाओं ने विकास पर भरोसा कर उनके मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया।

देश में ही बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश, उडीसा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र में नक्सलियों ने आदिवासी युवाओं के हाथ में बंदूक थमाकर उनकी जिंदगी तबाह कर दी। मोदी ने कहा गुजरात के आदिवासी युवाओं ने उनकी बात मानकर विकास का बीडा उठाया और गुजरात में अर्बन नक्सलियों के मंसूबों को जमींदोज कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कांग्रेस के शासन में अंबाजी से उमरगाम तक आदिवासी पट्टे की स्कूलों में विज्ञान की एक भी सीनियर स्कूल नहीं थी। बच्चों के विज्ञान व गणित पढने की ही व्यवस्था नहीं हो तो फिर आरक्षण देने का भी उनको क्या लाभ मिलता। आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर आदिवासी युवक युवतियां कनाडा में विमान उडाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

आदिवासियों के लिए पहले कोई विश्वविध्यालय की कल्पना नहीं कर सकता था लेकिन आज बिरसा मुंडा विश्वविध्यालय गोविंद गुरु विश्वविध्यालय उनके लिए संचालित हो रहे हैं।

लालबत्ती वाले खा जाते थे मुर्गी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले आदिवासियों को 5 मुर्गी के लिए लोन दिया जाता था, आदिवासी उन्हें ही पाकर धन्य समझता और मुर्गियों से अंडे बेचने के सपने बुना करता था। कुछ दिन बाद लालबत्ती वाले नेताजी आदिवासी के गांव में आते तो उन 5 मुर्गी में से एक मुर्गी पकाकर उनको खिला दी जाती। ऐसे एक साल में पांचों मुर्गी खत्म और कर्जा चढ जाता था वो अलग।

Contact us for News and Advertisement at: 8154977476 / 6356624878
Tags

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)